कभी इंडस्ट्री को पसंद नहीं थी रानी की आवाज, ऐसा वक्त भी आया, जब आमिर ने खुद मांगी थी माफी

Rani Mukerji: उन्हें एक्टिंग की ट्रेनिंग बचपन से ही मिली. इसका नतीजा उनकी फिल्मों में भी साफ नजर आया. बात हो रही है रानी मुखर्जी की. आइए जानते हैं उनके कुछ किस्से.

Rani Mukerji Unknown Facts: प्यारी सी मुस्कान, नशीली आंखें, शानदार अभिनय और खूबसूरती से लाखों-करोड़ों के दिलों में ‘ता रा रम पम’ करने वाली अभिनेत्री को देखकर हर कोई यही कहता है कि ‘कहीं प्यार न हो जाए’…..सही समझे आप… बात हो रही है इस समय फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए सुर्खियां बटोर रहीं रानी मुखर्जी की. आज अपना 45वां जन्मदिन मना रही रानी की अदा पर फैंस फिदा हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं इस पॉपुलर अभिनेत्री की जिंदगी में एक समय ऐसा भी था, जब उनकी अलग आवाज के कारण उन्हें कोई पसंद नहीं करता था. सुनकर झटका लगा?? लेकिन सच यही है., फिर एक वक्त ऐसा भी आया, जब रानी ने पूरी दुनिया को अपनी आवाज का दीवाना बनाया. तो चलिए जानते हैं रानी मुखर्जी की जिंदगी के इस अनसुने से किस्से के बारे में..

फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती हैं रानी

22 मार्च 1978 के दिन मुंबई के फिल्मी परिवार में जन्मी रानी मुखर्जी की हर सांस में अभिनय बसा है. काजोल जैसी बहन और अयान मुखर्जी जैसा भाई जन्म से पाने वाली रानी मुखर्जी को बॉलीवुड में अपने हर किरदार के साथ एक्सपेरिमेंट करने के लिए जाना जाता है. कभी प्यारी सी टीना बनकर लोगों के दिलों में ‘कुछ कुछ होता है’ करने वाली तो कभी ‘मर्दानी’ बन दुश्मनों को दांतों तले चने चबवाने वाली रानी के हर किरदार के लिए फैंस के मुंह से सिर्फ और सिर्फ वाह-वाह निकलती है. अगर रानी के इस शानदार सफर के शुरुआती दिनों पर नजर डालें तो उन्हें किसी भी चीज का फायदा नहीं मिला और उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह सिर्फ और सिर्फ उनकी आवाज थी.

पहली फिल्म रानी का चेहरा….लेकिन आवाज

अपनी पढ़ाई-लिखाई पूरी करने के बाद रानी मुखर्जी ने सिनेमा का रुख किया. यूं तो रानी ने अपने पिता की क्वीन बन करियर की शुरुआत राम मुखर्जी की बंगाली फिल्म ‘बियेर फूल’ से की थी, लेकिन उनकी किस्मत की खिड़की आमिर संग आई फिल्म ‘गुलाम’ से खुली. साल 1998 में आई फिल्म ‘गुलाम’ से बॉलीवुड को एक नया चेहरा मिला, जिसने सभी को दीवाना बना लिया. हालांकि, पूरे देश को अपना फैन बनाने वाली रानी ने इस फिल्म में अपने डायलॉग्स खुद नहीं बोले थे. जी हां, उनकी अलग आवाज के कारण रानी मुखर्जी के सभी डायलॉग्स डब कराए गए थे, जो रानी को बिल्कुल भी पसंद नहीं आए थे.

करण जौहर के एक फैसले ने दिलाई पहचान

रानी की जिस आवाज का दीवाना आज सारा जमाना है, वह किसी समय में आमिर खान से मुकेश भट्ट तक किसी को भी पसंद नहीं आई थी. आमिर ने रानी को आकर समझाया था कि कलाकारों को फिल्म की सक्सेस के लिए सब कुछ करना पड़ता है. हालांकि, जब ‘कुछ कुछ होता’ की डबिंग का वक्त आया तो करण जौहर ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने रानी की मुस्कान और उनके अंदर छिपा टैलेंट सभी के सामने ला दिया. करण जौहर ने ‘गुलाम’ को भुलाते हुए रानी से खुद अपने डायलॉग्स डब करने के लिए कहा और नतीजा आपके सामने है. ‘कुछ कुछ होता है’ की टीना की आवाज की दीवानी आज भी पूरी दुनिया है. करण जौहर की इस फिल्म से ही रानी की आवाज और उन्हें असली पहचान मिली.

आमिर खान ने रानी से मांगी माफी

‘कुछ कुछ होता है’ इतनी सक्सेसफुल हुई कि आमिर खान भी उसके दीवाने बन गए. फिल्म के साथ-साथ अभिनेता को जो चीज इसमें सबसे प्यारी लगी थी,  वह सिर्फ और सिर्फ रानी मुखर्जी की आवाज थी, जिसे उन्होंने अपनी फिल्म में दबा दिया था. अपनी गलती का एहसास होते ही आमिर ने रानी को फोन घुमाया और उनसे माफी मांगी. माफी मांगने के साथ-साथ अभिनेता ने रानी की आवाज की तारीफ भी की. वह बोले, ‘हमने तुम्हारी आवाज को डब करके गलती कर दी. तुम्हारी आवाज बहुत प्यारी है.’ बस फिर क्या था रानी मुखर्जी के जीवन में एक बेहतरीन शक्ति का संचार हुआ, जिसने उन्हें उन दिनों की टीना से आज की मर्दानी बना दिया.

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